‘खेल नगर’ में तब्दील हो रहा है बोकारो ‘इस्पात नगर’

भारत देश में खेल के हाल में जाहिर तौर पर काफी सुधार आया है। बात अंतरराष्ट्रीय स्तर की करें, राज्य स्तर की करें या जिला स्तर की। मैं ऐसा दावे के साथ इसलिए कह सकती हूं क्योंकि इसबार में गवाह बनी अपने राज्य झारखंड के बोकारो जिले में कराए गए वालीबॉल टूर्नामेंट की। बोकारो में स्कूल स्पोर्ट्स प्रमोशन फाउंडेशन द्वारा आयोजित कराए जाने वाले स्कूल्स इंडिया कप में स्कूल्स की वालीबॉल के प्रति रूझान और प्यार को देखकर मैं अचंभित रह गई। भारत जैसे क्रिकेट प्रधान देश में जब जमीनी स्तर पर स्कूल्स के बच्चों द्वारा वॉलीबॉल के लिए प्रेम को देखा तो काफी खुशी हुई और बोकारोवासी होने के नाते गर्व भी हुआ।

विविधताओं के देश भारत में हर क्षेत्र की अपनी-अपनी विशेषता होती है। बोकारो जो कि मुख्य रूप से इस्पात संयंत्र के साथ साथ अपनी उच्च शिक्षा प्रणाली के लिए जाना जाता था। बोकारो को झारखंड राज्य की शैक्षिक राजधानी भी कहा जाता है और मौजूदा समय में खेलों के प्रति रूझान को देखकर यह कहना भी गलत नहीं होगा कि झारखंड अब एक खेल राज्य भी जहां क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, तीरंदाजी के साथ साथ वालीबॉल और बास्केटबॉल जैसे खेलों का भी नशा देखने को मिलता है। झारखंड की प्रतिभाएं हर रोज विभिन्न खेल में कामयाबी की नयी बुलंदी को छू रही है।

बोकारो वालीबॉल डिस्ट्रिक्ट चैम्पियनशिप का आयोजन वहां स्थित सरदार पटेल स्कूल में हुआ। स्कूल के अध्यक्ष श्री प्रविण कुमार जी ने मैच के आयोजन के दौरान खुद माना की झारखंड की उन्नती में मौजूदा समय में खेल का अहम योगदान रहा है। ऐसे में एसएसपीएफ द्वारा जमीनी स्तर पर खेल को बढ़ावा देने की इस पहल का हम दिल खोलकर अभिनंदन करते है। वहीं झारखंड के स्टेट को-ऑर्डिनेटर श्री जयदीप सरकार भी बच्चों को प्रोत्साहित करने पहुंचे।  

बोकारो में आयोजित हुए स्कूल्स इंडिया कप वालीबॉल डिस्ट्रिक्ट चैम्पियनशिप में कुल 9 टीमों ने भाग लिया जिनमें जीजीपीएस,सरस्वती विद्या मंदीर,चिनमाया विद्यालय,एमजीएम,संत जेवियर्स, मिथिला अकादमी, सरदार पटेल स्कूल रूकमणी देवी पब्लिक स्कूल और एआरएस स्कूल का नाम शामिल है। मैदान पर जब बच्चे अपने-अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व करने उतरे तब उनका जोश देखते ही बन रहा था। लीग मैच और नॉकआउट मुकाबलों के आधार पर अंत में जीजीपीएस स्कूल को विजयी घोषित किया गया। जीजीपीएस की जीत पर मुझे व्यक्तिगत तौर पर भी काफी खुशी हुई क्योंकि मैंने इस स्कूल की छात्रा रह चुकी हूं। मैच स्थल पर पहुंच कर अपने पूराने शिक्षकों से मिलकर मुझे काफी उत्साहित हुई।

वालीबॉल चैम्पियशिप के समय वहां एसएसपीएफ के ही अन्य खेलों के को-ऑर्डिनेटर भी मौजूद थे। क्रिकेट के को-ऑर्डिनेटर श्री राजेश्वर सिंह ने भी हाल ही में स्कूल्स इंडिया कप के क्रिकेट चैम्पियनशिप का आयोजन कराया था और उनका भी मानना है कि जमीनी स्तर पर खेल को बढ़ावा देने की एसएसपीएफ की पहल काबिल-ए-तारीफ है। इसके जरिए देश के हर राज्य के छोटे छोटे ज़िले में भी खेल को बढ़ावा मिल रहा है।

बोकारो ज़िले के एसएसपीएफ वालीबॉल के को-ऑर्डिनेटर राजेश कुमार सिंह जी का कहना है कि बोकारो को देश में अबतक इस्पात संयंत्र और शिक्षा के लिए जाना जाता था लेकिन अब क्योंकि हमारा राज्य खेल में भी मुख्य रूप से सक्रीय हो रहा है तो वो दिन दूर नहीं जब झारखंड से सिर्फ क्रिकेटर, हॉकी खिलाड़ी, फुटबॉलर ही नहीं बल्कि अच्छे वालीबॉल और बास्केटबॉल खिलाड़ी भी निकलेंगे।  

झारखंड एक खेल राज्य का रूप ले रहा है और बात जब झारखंड की राजधानी से रांची की आती है तो  दिमाग में आता है हॉकी, क्रिकेट,तीरंदाजी। बिरेंद्र लकड़ा जो भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम का हिस्सा रह चुके है। क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी किसी पहचान के मोहताज नहीं आज उनका लोहा देश-विदेश के दिग्गज खिलाड़ी मानते है। तीरंदाजी में भी दिपीका कुमारी को आज हर बच्चा जनता है। उन्होंने एक ऐसे खेल में नाम कमाया है जिसकी लोकप्रियता भारत में कम ही है।  

कुछ ऐसी ही कोशिश है स्कूल स्पोर्ट्स प्रमोशन फाउंडेशन की, कि भारत देश में हर वो खेल उन्नती के शिखर पर जाएं जिसे एक पहल की ज़रूरत है। स्कूल्स इंडिया कप एक ऐसी ही पहल का नाम है जिससे जुड़ने पर मुझे गर्व है।

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